Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
धर्म

लब्धं जन्मफलं तेन, सार्थकं तस्य जीवितं। येनावाप्तमिदं पूतं, रत्नत्रयमनिन्दितं।।

उसी ने जन्म का फल व जीवन की सार्थकता को प्राप्त किया है, जिसने इस प्रशंसनीय पवित्र रत्नत्रय को प्राप्त किया है।

He alone has gained the fruit of birth and the worth of his life who has attained this praiseworthy, holy Three Jewels.

— आराध्य सूत्र · #8

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