क्रोध–लोभ–भीरुत्व–हास्यप्रत्याख्यानान्यनुवीचि–भाषणं–च–पञ्च
सत्य व्रत की पाँच भावना- क्रोध, लोभ, भय हास्य का त्याग एवं आगम के अनुसार कथन ये सत्य व्रत की पाँच भावनाएं हैं।
The five reflections of the vow of truth: renouncing anger, greed, fear, and jest, and speaking in accordance with scripture.
— आराध्य सूत्र · #28
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