Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
सत्य

शनि का सौदा- एक बार एक राजा ने इस शर्त पर बाजार लगवाया कि जिसका जो भी सामान नहीं बिकेगा वह मैं खरीद लूँगा, सब दुकान दारों का सामान बिक गया, पर एक मूर्ति बेचने वाले की शनि देव की मूर्ति नहीं बिकी, तब वह राजा ने खरीद ली, एक रात राजा ने देखा कि, मेरे महल से लक्ष्मी, यश, सुख आदि अच्छे–अच्छे गुण जा रहे हैं, साथ में सत्य भी जा रहा है, तो राजा ने पूँछा आप लोग कहाँ जा रहे हैं? उन सभी ने कहा आपके यहाँ शनि देव आ गये हैं इसलिए हम लोग नहीं रहेंगे, तब राजा ने सत्य से कहा कि मैंने आपकी रक्षा के लिए ही शनि देव को खरीदा है, इसलिए आप नहीं जा सकते, तो सत्य लौट आया, और सत्य को वापस आया हुआ देखकर, बाकी के गुण भी वापस आ गये, कहने का तात्पर्य यह है कि जहाँ पर सत्य होता है, वहाँ पर सभी गुण होते है।

A king proclaimed he would buy whatever goods went unsold in the market. Everything sold except an image of Shani (Saturn), which the king therefore bought. That night he saw prosperity, fame, comfort, and all good qualities—along with Truth—leaving his palace, saying they would not stay where Shani had entered. The king told Truth, 'I bought Shani only to protect you, so you cannot leave.' Truth returned, and seeing it return, all the other virtues came back too. The point: where truth abides, all virtues abide.

— आराध्य सूत्र · #37

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