Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
विवेक

अनेकान्त में शान्ति, एकान्त में अशान्ति व विवाद होता है, 'अस्वत्थामा हतो नरो वा कुञ्जरो वा' यह धर्मराज युधिष्ठिर का स्याद्वादी सिद्धान्त था।

In the many-sided view (anekant) there is peace; in one-sided absolutism there is unrest and dispute. 'Ashwatthama is slain—the man or the elephant'—this was Yudhishthira's relativistic (syadvadi) principle.

— आराध्य सूत्र · #6

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प्रकृति ने सूर्योदय, सूर्यास्त, गर्मी, बरसात, ठंड सब का समय निश्चित कर रखा है केवल मनुष्य को ही हर बात की छूट दे रखी है, कब सोना, कब जागना, क्या करना सब कुछ स्वयं मनुष्य के हाथ में है वह सब कुछ करने में स्वतंत्र है।
विवेक