Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
कर्म

मूकता मतिवैकल्यं, मूर्खता बोध विच्युतिः। बाधिर्यं मुख रोगित्वं, असत्यादेव देहिनां।।

असत्य से प्राणी अगले जन्म में अल्पज्ञानी, मूर्ख, ज्ञान रहित, बहरा व मुख के अनेक रोगों वाला होता है।

Through falsehood a being becomes, in the next birth, of little knowledge, foolish, devoid of understanding, deaf, and afflicted with many diseases of the mouth.

— आराध्य सूत्र · #24

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