Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
संतोष

अङ्गं गलितं पलितं मुण्डं, दशनविहीनं जातं तुण्डं। वृद्धो याति गृहीत्वा दण्डं, तदपि न मुञ्चति आशा पिण्डं।।

शरीर शिथिल हो गया है, बाल सफेद हो गए हैं, सारे दाँत गिर गए हैं, वृद्धावस्था आ गई है, हाथ में डण्डा ले रखा है फिर भी तृष्णा पीछा नहीं छोड़ती है।

The body has weakened, the hair has whitened, all the teeth have fallen out, old age has come, a staff is held in the hand—yet still craving does not let go.

— आराध्य सूत्र · #57

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