Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
समाधि

सुकोशल स्वामी-('जा सुत विरह मरी हुई बाघिन, ता सुत देह विदारी')माता सहदेवी पुत्रवियोग में मर कर व्याघ्री हुई उसी के द्वारा अपने प्रिय पुत्र का भक्षण किये जाने पर भी उपसर्ग समता से सहन किया और सर्वार्थसिद्धि गये।

Sukoshal Swami: ('the tigress that died grieving for her son now tore that very son's body'). His mother Sahadevi, dying in the separation from her son, was reborn a tigress; though devoured by her, her own dear son bore the affliction with equanimity and attained Sarvarthasiddhi.

— आराध्य सूत्र · #130

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बालक जन्मता है तो वह बड़ा होगा कि नहीं, पढ़ेगा कि नहीं, उसका विवाह होगा कि नहीं, उसके बाल-बच्चे होंगे कि नहीं, उसके पास धन होगा कि नहीं आदि सब बातों में सन्देह है, पर वह मरेगा कि नहीं, इसमें कोई संदेह नहीं है।
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