Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
विवेक

सहानुभूति और सहृदयता सुमति में होती है, यह स्वर्ग का द्वार है, जहाँ कुमति है वहाँ नरक का द्वार है एवं जीवन में दुःख, सङ्कट, तनाव व अशान्ति का कारण है।

Sympathy and warm-heartedness dwell in good sense; this is the gate of heaven. Where there is bad sense there is the gate of hell, and the cause of sorrow, crisis, tension and unrest in life.

— आराध्य सूत्र · #4

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प्रकृति ने सूर्योदय, सूर्यास्त, गर्मी, बरसात, ठंड सब का समय निश्चित कर रखा है केवल मनुष्य को ही हर बात की छूट दे रखी है, कब सोना, कब जागना, क्या करना सब कुछ स्वयं मनुष्य के हाथ में है वह सब कुछ करने में स्वतंत्र है।
विवेक