Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
विवेक

जहाँ सुमति तहाँ सम्पति नाना, जहाँ कुमति तहाँ विपति निधाना। जहाँ एकता है वहाँ अनेक प्रकार की समृद्धि व ऋद्धि सिद्धि होती है और जहाँ पर वैमनस्य होता है वहाँ पर अनेक प्रकार की विपत्तियाँ आती हैं।

Where there is good sense there are manifold prosperities, where bad sense a store of calamities. Where there is unity, many kinds of prosperity and attainments arise; where there is discord, many kinds of misfortunes come.

— आराध्य सूत्र · #3

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प्रकृति ने सूर्योदय, सूर्यास्त, गर्मी, बरसात, ठंड सब का समय निश्चित कर रखा है केवल मनुष्य को ही हर बात की छूट दे रखी है, कब सोना, कब जागना, क्या करना सब कुछ स्वयं मनुष्य के हाथ में है वह सब कुछ करने में स्वतंत्र है।
विवेक