Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
विवेक

वरोपलिप्सयाशावान्, रागद्वेषमलीमसाः। देवता यदुपासीत, देवता मूढ़मुच्यते।।

वरदान की आशा से राग-द्वेष से मैले देवी-देवताओं की आराधना करना देव मूढ़ता कहलाती है।

Worshipping gods and goddesses defiled by attachment and aversion in the hope of boons is called the folly of false deities (deva-mudhata).

— आराध्य सूत्र · #5

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प्रकृति ने सूर्योदय, सूर्यास्त, गर्मी, बरसात, ठंड सब का समय निश्चित कर रखा है केवल मनुष्य को ही हर बात की छूट दे रखी है, कब सोना, कब जागना, क्या करना सब कुछ स्वयं मनुष्य के हाथ में है वह सब कुछ करने में स्वतंत्र है।
विवेक