Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
विवेक

लोके शास्त्राभासे, समयाभासे च देवताभासे। नित्यमपि तत्त्वरुचिना, कर्त्तव्यममूढ़दृष्टित्वं।।

खोटे शास्त्रों में, मिथ्यामतों में एवं कुदेवों में आत्मज्ञानी को सावधानी रखनी चाहिये इसे अमूढ़दृष्टि अङ्ग कहते हैं।

A self-knowing person should always stay wary of false scriptures, false doctrines and false gods — this is called the limb of undeluded vision.

— आराध्य सूत्र · #2

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प्रकृति ने सूर्योदय, सूर्यास्त, गर्मी, बरसात, ठंड सब का समय निश्चित कर रखा है केवल मनुष्य को ही हर बात की छूट दे रखी है, कब सोना, कब जागना, क्या करना सब कुछ स्वयं मनुष्य के हाथ में है वह सब कुछ करने में स्वतंत्र है।
विवेक