Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
विवेक

चार बदमाश एक-एक मील की दूरी पर खड़े हो गये और दक्षिणा में प्राप्त हुए बछड़े को चारों ने क्रम से कुत्ता कह दिया, पण्डित जी ने बछड़े को छोड़ दिया, उसी प्रकार दृढ़ श्रद्धा व पहचान न होने से धोखा होता है।

Four rogues stood at intervals of a mile, and one by one all called the calf received as a gift a 'dog'; the pandit let the calf go. Likewise, for want of firm faith and recognition, one is deceived.

— आराध्य सूत्र · #5

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प्रकृति ने सूर्योदय, सूर्यास्त, गर्मी, बरसात, ठंड सब का समय निश्चित कर रखा है केवल मनुष्य को ही हर बात की छूट दे रखी है, कब सोना, कब जागना, क्या करना सब कुछ स्वयं मनुष्य के हाथ में है वह सब कुछ करने में स्वतंत्र है।
विवेक