Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
विवेक

इदमेवेदृषमेव, तत्त्वं नान्यन्न चान्यथा। इत्यकम्पायसाम्भोवत्, सन्मार्गेऽ संशया रुचिः।।

तत्त्व यही है, ऐसा ही है, अन्य नहीं है, अन्य प्रकार से भी नहीं है इस प्रकार तलवार पर चढ़ाये हुए पानी के समान दृढ़ श्रद्धान होना निःशङ्कित अङ्ग है।

'The truth is just this, exactly thus, none other, and not otherwise' — such firm conviction in the right path, unwavering like water tempered onto a sword-blade, is the limb of freedom from doubt.

— आराध्य सूत्र · #2

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प्रकृति ने सूर्योदय, सूर्यास्त, गर्मी, बरसात, ठंड सब का समय निश्चित कर रखा है केवल मनुष्य को ही हर बात की छूट दे रखी है, कब सोना, कब जागना, क्या करना सब कुछ स्वयं मनुष्य के हाथ में है वह सब कुछ करने में स्वतंत्र है।
विवेक