Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
विवेक

प्रयत्न पूर्वक शरीर का एक-एक कण तपश्चरण में लगा करके, जीवन का एक-एक क्षण ज्ञान की साधना में अर्पण करके मानव जीवन को वरदान सिद्ध करना चाहिए अतः देव-शास्त्र-गुरु की निंदा नहीं विनय करके सम्यग्दर्शन की रक्षा करना चाहिए क्योंकि सम्यग्दर्शन लोक की सम्पत्ति से श्रेष्ठ है।

With effort devoting every particle of the body to austerity and every moment of life to the pursuit of knowledge, one should make this human life a blessing; therefore, not condemning but revering the Deity, Scripture and Guru, one should protect right-faith, for right-faith is superior to all the wealth of the world.

— आराध्य सूत्र · #77

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प्रकृति ने सूर्योदय, सूर्यास्त, गर्मी, बरसात, ठंड सब का समय निश्चित कर रखा है केवल मनुष्य को ही हर बात की छूट दे रखी है, कब सोना, कब जागना, क्या करना सब कुछ स्वयं मनुष्य के हाथ में है वह सब कुछ करने में स्वतंत्र है।
विवेक