Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
विवेक

जो उग्र, तीव्र स्वभाव, दुष्ट, दुर्भाव, कुशास्त्र श्रवण करने वाला, दुष्टभाषी, मिथ्यामद से युक्त है वह मिथ्यादृष्टि है।

One who is fierce, harsh by nature, wicked, ill-intentioned, a listener of false scriptures, foul-spoken and filled with false pride is a wrong-believer.

— आराध्य सूत्र · #65

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प्रकृति ने सूर्योदय, सूर्यास्त, गर्मी, बरसात, ठंड सब का समय निश्चित कर रखा है केवल मनुष्य को ही हर बात की छूट दे रखी है, कब सोना, कब जागना, क्या करना सब कुछ स्वयं मनुष्य के हाथ में है वह सब कुछ करने में स्वतंत्र है।
विवेक