वरं नरकवासोऽपि, सम्यक्त्वेन समायुतः। न तु सम्यक्त्वहीनस्य, निवासो दिवि राजते।।
सम्यक्त्व के साथ नरक में रहना अच्छा है, किन्तु सम्यक्त्व के बिना देवगति में भी रहना अच्छा नहीं है।
It is better to dwell in hell with right-faith than to dwell even in the heavens without right-faith.
— आराध्य सूत्र · #55
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