Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
विवेक

आठ अङ्ग बन्दर के भी होते हैं, मनुष्य के भी होते हैं, किन्तु जैसे मनुष्य के होते हैं, वैसे बन्दर के नहीं होते, उसी प्रकार आठ अङ्ग मिथ्यादृष्टि के भी होते हैं, सम्यग्दृष्टि के भी होते हैं, किन्तु जैसे सम्यग्दृष्टि के होते हैं, वैसे मिथ्यादृष्टि के नहीं होते हैं।

A monkey too has eight limbs and a man too has eight limbs, but the monkey's are not like the man's; likewise the eight limbs belong to both the wrong-believer and the right-believer, but the wrong-believer's are not like the right-believer's.

— आराध्य सूत्र · #51

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प्रकृति ने सूर्योदय, सूर्यास्त, गर्मी, बरसात, ठंड सब का समय निश्चित कर रखा है केवल मनुष्य को ही हर बात की छूट दे रखी है, कब सोना, कब जागना, क्या करना सब कुछ स्वयं मनुष्य के हाथ में है वह सब कुछ करने में स्वतंत्र है।
विवेक