Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
समाधि

छठवें-सातवें गुणस्थानवर्ती की तरह पूर्ण परिग्रह का त्यागी न होने पर भी चौथे-पाँचवे गुणस्थानवर्ती सल्लेखना करने का अधिकारी है।

Even without being a full renouncer of possessions like those in the sixth and seventh stages, one in the fourth and fifth stages is entitled to undertake sallekhana (holy death).

— आराध्य सूत्र · #35

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बालक जन्मता है तो वह बड़ा होगा कि नहीं, पढ़ेगा कि नहीं, उसका विवाह होगा कि नहीं, उसके बाल-बच्चे होंगे कि नहीं, उसके पास धन होगा कि नहीं आदि सब बातों में सन्देह है, पर वह मरेगा कि नहीं, इसमें कोई संदेह नहीं है।
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