Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
विवेक

संवेयो णिव्वेओ, णिन्दा गरुहाय उवसमो भक्ति। वच्छल्लं अणुकम्पा, गुणट्ठु समत्त जुत्तस्स।।

संवेग, निर्वेग, निन्दा, गर्हा, उपशम, भक्ति, वात्सल्य, अनुकम्पा ये सम्यग्दर्शन के आठ गुण हैं।

Spiritual urgency, detachment, self-censure, confession, tranquillity, devotion, affection and compassion — these are the eight qualities of right-faith.

— आराध्य सूत्र · #24

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प्रकृति ने सूर्योदय, सूर्यास्त, गर्मी, बरसात, ठंड सब का समय निश्चित कर रखा है केवल मनुष्य को ही हर बात की छूट दे रखी है, कब सोना, कब जागना, क्या करना सब कुछ स्वयं मनुष्य के हाथ में है वह सब कुछ करने में स्वतंत्र है।
विवेक