Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
विवेक

विपत्ति में धैर्य रखने से, प्रारब्ध कार्य के पूर्ण करने आदि से तथा प्रशंसनीय प्रशम आदि गुणों से प्राणियों के आत्मरूप सम्यग्दर्शन का भी निर्णय किया जाता है।

By patience in adversity, by completing undertaken tasks, and by praiseworthy qualities such as tranquillity, one can also discern the soul-nature of right-faith in beings.

— आराध्य सूत्र · #15

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प्रकृति ने सूर्योदय, सूर्यास्त, गर्मी, बरसात, ठंड सब का समय निश्चित कर रखा है केवल मनुष्य को ही हर बात की छूट दे रखी है, कब सोना, कब जागना, क्या करना सब कुछ स्वयं मनुष्य के हाथ में है वह सब कुछ करने में स्वतंत्र है।
विवेक