Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
समाधि

क्षणभङ्गुर जीवन की कलियाँ, प्रातः काल खिली न खिली, मलयाचल की शुचि शीतल वायु, सुगन्ध समेत मिली न मिली। कलिकाल कुठार लिये फिरता, तन नम्र से चोट झिली न झिली, भज ले अरिहन्त अरी रसना!, फिर अन्त समय में हिली न हिली।।

The buds of this fleeting life — barely bloomed at dawn or not; the pure cool fragrant Malaya breeze — barely met or not; this dark age roams with axe in hand, and the frail body may bear its blow or not; so worship the Arihant, O tongue! for at the last moment it may move or not.

— आराध्य सूत्र · #113

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बालक जन्मता है तो वह बड़ा होगा कि नहीं, पढ़ेगा कि नहीं, उसका विवाह होगा कि नहीं, उसके बाल-बच्चे होंगे कि नहीं, उसके पास धन होगा कि नहीं आदि सब बातों में सन्देह है, पर वह मरेगा कि नहीं, इसमें कोई संदेह नहीं है।
समाधि