Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
कर्म

पङ्क के विना पङ्कज उग नहीं सकता, पङ्ख के विना पक्षी उड़ नहीं सकता। पुण्य को भी पाप की तरह हेय समझने वालों, पुण्य के विना तीर्थंङ्कर पद मिल नहीं सकता।।

Without mud the lotus cannot grow, without wings the bird cannot fly; O you who despise merit as you would sin — without merit, the state of a Tirthankara cannot be attained.

— आराध्य सूत्र · #21

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