Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
पुरुषार्थ

अबुद्धिपूर्वापेक्षाया, मिष्टानिष्टस्वदेवत:। बुद्धिपूर्वव्यपेक्षाया, मिष्टानिष्ट स्व पौरुषात्।।

अबुद्धि पूर्वक होने वाले इष्टानिष्ट में अपना भाग्य प्रधान होता है, बुद्धि पूर्वक होने वाले इष्टानिष्ट में अपना पुरुषार्थ प्रधान होता है।

In the good and bad that happen without deliberate effort, one's own destiny is primary; in the good and bad that happen through deliberate effort, one's own exertion is primary.

— आराध्य सूत्र · आ.मी. · #1

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