Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
कर्म

पुण्यानुबन्धीपुण्य- पुण्य के उदय में शुभभावों से पुण्य का बन्ध करना।

Merit that binds to merit — while merit is in force, binding merit through auspicious dispositions.

— आराध्य सूत्र · #11

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