Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
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वार्द्धक्ये वनिता मृतिर्ननु नृणां, कष्टप्रदा जायते, रोगाक्रान्त शरीरिणां पुनरहो, वाच्यं किमत्र क्षितौ। पुत्रा नैव वदन्ति मिष्ट वचनं, दूरं प्रयान्ति स्त्रिय:, नप्तारो निकटं न यान्ति कटुकं, वाक्यं वदन्ति भृशं।।

वृद्धावस्था में स्त्री का मरना कष्टकारी होता है, यदि शरीर में रोग हो तो और दुर्दशा होती है, पुत्र मिष्ट वचन नहीं बोलते हैं, उनकी स्त्रियाँ दूर से भागती हैं, नाती पास में नहीं आते तथा अत्यधिक कटु वचन बोलते हैं।

For a woman to die in old age is full of suffering; if the body is diseased the plight is worse; sons no longer speak sweet words, their wives flee from afar, grandchildren do not come near and utter exceedingly harsh words.

— आराध्य सूत्र · #10

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