प्रथमेनार्जिता विद्या, द्वितीयेनार्जितं धनं। तृतीये न तपस्तप्तं, चतुर्थे किं करिष्यति।।
बाल अवस्था में विद्या अर्जित नहीं की, युवा अवस्था में धन अर्जित नहीं किया, प्रौढ़ अवस्था में तपस्या नहीं की तो वृद्ध अवस्था में क्या करेगा?
If one did not gain learning in childhood, nor wealth in youth, nor perform austerity in maturity, what will he do in old age?
— आराध्य सूत्र · #15
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