Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
परिवार

लालयेत् पञ्चवर्षाणि दशवर्षाणि ताडयेत्। प्राप्ते तु षोडशे वर्षे पुत्रे मित्रवदाचरेत्।।

पाँच वर्ष तक लाड़-प्यार करना चाहिए, दस वर्ष डांटकर संस्कारित करना चाहिए और सोलह वर्ष के बाद पुत्र के साथ मित्र के समान व्यवहार करना चाहिए।

For the first five years indulge the child, for the next ten discipline and cultivate him, and after the sixteenth year treat a son as a friend.

— आराध्य सूत्र · #14

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