Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
विवेक

अनुचित कर्मारम्भो स्वजनविरोधो बलीयसि स्पर्धा। प्रमदाजनविश्वासो मृत्योर्द्वाराणि चत्वारि।।

मृत्यु के चार द्वार- अनुचित कार्य प्रारम्भ कर देना, आत्मीय जनों का विरोध करना, बलवान से स्पर्धा करना, स्त्रियों का विश्वास करना।

There are four doorways to death: undertaking improper deeds, opposing one's own kin, competing with the powerful, and blindly trusting.

— आराध्य सूत्र · #10

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प्रकृति ने सूर्योदय, सूर्यास्त, गर्मी, बरसात, ठंड सब का समय निश्चित कर रखा है केवल मनुष्य को ही हर बात की छूट दे रखी है, कब सोना, कब जागना, क्या करना सब कुछ स्वयं मनुष्य के हाथ में है वह सब कुछ करने में स्वतंत्र है।
विवेक