Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
पुरुषार्थ

शनैः पन्था शनैः कन्था, शनैः पर्वत मस्तके। शनैः विद्या शनैः वित्तं, पञ्चैतानि शनैः शनैः।।

एक-एक कदम चलते-चलते रास्ता पार हो जाता है, छोटे-छोटे कपड़ों को इकट्ठा कर सिलने पर ओढ़ने का वस्त्र बनता है जिसे कन्था कहते हैं, एक-एक सीढ़ी चढ़ते-चढ़ते पर्वत की चोटियों पर पहुँच जाते हैं, एक-एक पद पढ़ते-पढ़ते विद्वान् बन जाते हैं और एक-एक कोंड़ी जोड़ते-जोड़ते करोड़पति बन जाते हैं, ये पाँच चीजें धीरे-धीरे प्राप्त होती हैं।

Step by step the road is crossed; stitching small scraps of cloth together makes a coverlet; climbing stair by stair one reaches the mountain peaks; reading line by line one becomes a scholar; and saving coin by coin one becomes a millionaire — these five things are gained only gradually.

— आराध्य सूत्र · #4

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