व्यक्ति का परिचय वस्त्रों से नहीं, गुणों से होता है वैसे ही आत्मा का परिचय कर्म नोकर्म से नहीं, चैतन्य स्वरूप से होता है।
A person is known by virtues, not by clothes; likewise the soul is known by its conscious nature, not by karma or matter.
— आराध्य सूत्र · #35
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