नदी के इस तरफ दर्पण रखा है उसमें नदी का पानी दिख रहा है व पर्वत पर लगी आग दिख रही है पर वह दर्पण पानी से गीला नहीं होता और अग्नि से जलता नहीं वह दोनों से निर्लिप्त रहता है।
A mirror by the river reflects both the water and the fire on the mountain, yet it neither gets wet nor burns — it stays untouched by both.
— आराध्य सूत्र · #91
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