Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
विवेक

सत्सङ्गति और विवेक ये दोनों निर्मल नेत्र हैं जिसके पास ये नहीं वह अन्धा है व कुमार्ग गामी क्यों नहीं होगा? 'अच्छा काम स्वयं से शुरू करें, बाद में दूसरों से कहें।

Good company and discernment are two clear eyes; whoever lacks them is blind — how would he not take the wrong path? Start good work with yourself first, and tell others afterwards.

— आराध्य सूत्र · #36

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प्रकृति ने सूर्योदय, सूर्यास्त, गर्मी, बरसात, ठंड सब का समय निश्चित कर रखा है केवल मनुष्य को ही हर बात की छूट दे रखी है, कब सोना, कब जागना, क्या करना सब कुछ स्वयं मनुष्य के हाथ में है वह सब कुछ करने में स्वतंत्र है।
विवेक