संतोष मन तो भिखारी का पात्र है जो कभी भरता ही नहीं है। The mind is like a beggar's bowl that is never filled. — आराध्य सूत्र · #8 0 – भेजें 🖼️ इमेज सेव करें · Save image card
जिन्दगी छोटी है जंजाल बड़े हैं। जंजालों को छोटा करो, जिन्दगी स्वयं सुखी और लम्बी हो जाएगी। संतोष 0 – भेजें