Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
अनासक्ति

चीजों को त्यागना सीखिए- वास्तव में सच्चाई यह है कि खुशी चीजों को एकत्रित करने में नहीं वरन त्यागने अर्थात् उनका मोह छोड़ने में है। आप जब अपने को किसी विशेष चीज से जोड़ लेते हैं या आसक्त हो जाते हैं, तो आपके विचारों और कार्यों की स्वतन्त्रता खत्म हो जाती है। इससे आप सच्चाई को उस रूप में नहीं देख पाते हैं जैसी कि वह है और सच्चाई का वह अज्ञान कष्ट और विसङ्गति पैदा करता है।

Learn to let go of things - the truth is that happiness lies not in gathering things but in renouncing them, that is, giving up attachment to them. When you bind yourself to or become attached to a particular thing, the freedom of your thoughts and actions ends. Then you cannot see truth as it is, and that ignorance of truth breeds suffering and discord.

— आराध्य सूत्र · #6

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किसी वस्तु के संयोग के लिए शोक करना इसलिए व्यर्थ है क्योंकि संयोग में शान्ति और स्वाधीनता नहीं है किसी वस्तु के वियोग में शोक करना इसलिए व्यर्थ है क्योंकि पर की रक्षा अपने अधीन नहीं है व पर का अपने से तादात्म्य नहीं है तथा वियोग में अपने स्वरूप की हानि भी नहीं है।
अनासक्ति
धर्म कथा सुनते समय, श्मशान में शवदाह की ज्वाला देखते समय और रोग से सन्तप्त रोगी के कष्ट का अनुभव करते समय मानव हृदय में जो संसार से विरक्त होने की बुद्धि पैदा होती है, यदि वह मनोदशा मस्तिष्क में क्षणिक न रहे स्थिर हो जाये तो मनुष्य संसारी मायाजाल से शीघ्र ही मुक्ति पा लेता है।
अनासक्ति