Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
विवेक

'हाव-भाव से, इशारे से, गति से, चेष्टा से, साथ-साथ बात करने से, नेत्र तथा मुख के विकार से' इतनी बातों से मनुष्य के मन की बातों का अनुमान हो जाता है।

By gestures, hints, gait, movements, the way of conversing, and changes in the eyes and face — from these things one can infer what is in a person's mind.

— आराध्य सूत्र · #25

इसी विषय के और सूत्र

सभी विवेक →
प्रकृति ने सूर्योदय, सूर्यास्त, गर्मी, बरसात, ठंड सब का समय निश्चित कर रखा है केवल मनुष्य को ही हर बात की छूट दे रखी है, कब सोना, कब जागना, क्या करना सब कुछ स्वयं मनुष्य के हाथ में है वह सब कुछ करने में स्वतंत्र है।
विवेक