Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
विवेक

रोग में हितकारी भोजन करना, स्वामी के सामने सत्य बात कहना, दुष्ट के साथ न्यायपूर्ण व्यवहार करना, शत्रु का क्षय करना, ज्ञान होने पर ध्यान करना, धन होने पर दान करना और स्त्री समूह के समक्ष कोमल व्यवहार करना औषध है।

Eating beneficial food when ill, speaking the truth before one's master, dealing justly with the wicked, wearing down an enemy, meditating once one has knowledge, giving charity once one has wealth, and behaving gently before women — these are medicine.

— आराध्य सूत्र · #92

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प्रकृति ने सूर्योदय, सूर्यास्त, गर्मी, बरसात, ठंड सब का समय निश्चित कर रखा है केवल मनुष्य को ही हर बात की छूट दे रखी है, कब सोना, कब जागना, क्या करना सब कुछ स्वयं मनुष्य के हाथ में है वह सब कुछ करने में स्वतंत्र है।
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