Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
विवेक

आयु वित्तं ग्रहच्छिद्रं, मन्त्रं मैथुनमौषधं। दानं मानं च अपमानं च, नव गुप्तं च कार्येत्।।

आयु, धन, घर के दोष, मन्त्र, व्यभिचार, औषध, दान, सम्मान-अपमान, ये नौ बातें अवश्य ही गुप्त रखें।

Lifespan, wealth, the faults of one's household, sacred formulas, sexual matters, medicine, charity given, honour and dishonour — these nine things one must always keep secret.

— आराध्य सूत्र · स.कौ. · #58

इसी विषय के और सूत्र

सभी विवेक →
प्रकृति ने सूर्योदय, सूर्यास्त, गर्मी, बरसात, ठंड सब का समय निश्चित कर रखा है केवल मनुष्य को ही हर बात की छूट दे रखी है, कब सोना, कब जागना, क्या करना सब कुछ स्वयं मनुष्य के हाथ में है वह सब कुछ करने में स्वतंत्र है।
विवेक