Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
ज्ञान

यत्तुष्णाति भवे भवेऽप्यमलिनं, ज्ञानं समासेवितं। कैवल्यं च समस्त वस्तु विषयं, तद्विस्मृतं यद्यपि।।

यद्यपि भव-भव में आराधित निर्मलज्ञान को भूल जाते हैं, फिर भी वह सकलवस्तु विषयी केवलज्ञान को प्रकट कर देता है।

Though the pure knowledge cultivated life after life is forgotten, it nonetheless manifests as omniscience, which comprehends all things.

— आराध्य सूत्र · आ.सा. · #52

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