Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
धर्म

पदमक्खरं च एक्कं, पिहु जो ण रोचेदि सुत्त णिद्दिट्ठं। सेसं रोचन्तो वि हु, मिच्छादिट्ठी मुणेयव्वो।।

शास्त्र में कहे हुए एक पद या अक्षर का भी जो श्रद्धान नहीं करता है, शेष का श्रद्धान करते हुए भी वह मिथ्यादृष्टि है।

One who disbelieves even a single word or letter stated in the scriptures, though believing all the rest, is to be known as a wrong-believer.

— आराध्य सूत्र · भ.आ.38 · #50

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