Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
ज्ञान

विद्वत्वं च नृपत्वं च, नैव तुल्यं कदाचन। स्वदेशे पूज्यते राजा, विद्वान् सर्वत्र पूज्यते।।

विद्वत्ता और राजापना बराबर नहीं हो सकते क्योंकि राजा तो अपने देश में ही पूजा जाता है किन्तु विद्वान् तो सर्वत्र पूजे जातें हैं।

Learning and kingship can never be equal, for a king is honoured only in his own country, but the learned are honoured everywhere.

— आराध्य सूत्र · #43

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