Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
ज्ञान

यथा खरश्चन्दनभारवाही, भारस्यवेत्ता न तु चन्दनस्य। तथा जनोऽयं बहुशास्त्रपाठी शास्त्रस्य वेत्ता न तु निश्चयस्य।।

जैसे गधा चन्दन के भार को ढोता हैं पर चन्दन का ज्ञाता नहीं होता, उसी प्रकार शब्द ज्ञानी भी बहुत शास्त्रों का ज्ञाता होता हैं पर आत्मा का ज्ञाता नहीं होता है।

As a donkey carries a load of sandalwood but knows only the burden, not the sandalwood, so a mere scholar of words may know many scriptures yet not know the Self.

— आराध्य सूत्र · #35

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