रूपयौवन सम्पन्ना विशाला कुल सम्भवा। विद्या हीना न शोभन्ते निर्गन्धा इव किंसुक:।।
जिस प्रकार गन्ध से हीन फूल सुशोभित नहीं होते, उसी प्रकार विशाल कुल में उत्पन्न और रूप यौवन से सम्पन्न होने पर भी, विद्या से हीन व्यक्ति सुशोभित नहीं होते हैं।
Just as scentless flowers do not shine, so those born in a great family and endowed with beauty and youth do not shine if they lack learning.
— आराध्य सूत्र · #30
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