Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
धर्म

अजरामरवत्प्राज्ञो विद्यामर्थञ्च चिन्तयेत्। गृहीतमिव केशेषु मृत्युना धर्ममाचरेत्।।

अपने को अजर-अमर समझकर विद्या और अर्थ का सञ्चय करना चाहिये, और मौत ने बाल पकड़ ही लिए हैं, ऐसा समझकर के धर्म का आचरण करना चाहिये।

Gather knowledge and wealth as though you were ageless and immortal; but practise dharma as though death has already seized you by the hair.

— आराध्य सूत्र · #29

इसी विषय के और सूत्र

सभी धर्म →