Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
ज्ञान

न चोरहार्यं न च भातृभाज्यं, न राजहार्यं न च भारकारि। व्यये कृते वर्धत एव नित्यं, विद्याधनं सर्वधनप्रधानम्।।

विद्या को चोर चुरा नहीं सकता है, भाई बाँट नहीं सकता है, राजा माँग नहीं सकता हैं, वजन भी नहीं है, व्यय करने पर नित्य बढ़ती है अत: सर्व धनों में विद्या धन प्रधान है।

A thief cannot steal it, brothers cannot divide it, a king cannot demand it, it has no weight, and spending it only makes it grow — therefore, among all wealth, the wealth of knowledge is supreme.

— आराध्य सूत्र · #25

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