Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
कर्म

ज्ञानी मनुष्य का लोकोत्तर आचार किसके द्वारा कहा जा सकता है? जहाँ अज्ञानी बन्ध को प्राप्त होता है वहीं ज्ञानी कर्म बन्ध से छूटता है।

Who can describe the transcendent conduct of a wise person? Where the ignorant incur bondage, there the wise are freed from the bondage of karma.

— आराध्य सूत्र · #11

इसी विषय के और सूत्र

सभी कर्म →