Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
पुरुषार्थ

हे मित्र! मुक्ति रूपी लक्ष्मी के चित्त को प्रसन्न करने वाली जिनदीक्षा को धारण कर यौवन में समीचीन कठोर तप को करो।

O friend! Take up Jain initiation, which gladdens the heart of the goddess of liberation, and in youth perform proper, rigorous austerity.

— आराध्य सूत्र · #6216

इसी विषय के और सूत्र

सभी पुरुषार्थ →