Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
कर्म

गृहस्थ के द्वारा मरण पर्यन्त जो पाप संचित किया जाता है उन सब पाप को एक रात्रि का दीक्षित साधु नियम से भस्म कर देता है।

All the sin a householder accumulates up to death is, by rule, burned to ashes by a monk initiated for even one night.

— आराध्य सूत्र · #6196

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