Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
विवेक

खोटी सलाह से राजा, परिग्रह से साधु, लाड़-प्यार से पुत्र, बिना अध्ययन से ब्रह्मण, कुपुत्र से कुल, दुर्जन की सेवा से शील, स्नेह न करने से मित्रता, अनीति से समृद्धि, अधिकतर प्रवास से स्नेह, मदिरापान से लज्जा, देखभाल न करने से खेती और प्रमाद करने से त्याग रूपी धन नष्ट हो जाता है।

A king is ruined by bad counsel, a monk by possessions, a son by indulgence, a brahmin by lack of study, a lineage by a bad son, virtue by serving the wicked, friendship by lack of affection, prosperity by injustice, affection by too much travel, modesty by drinking, farming by neglect, and the wealth of renunciation by negligence.

— आराध्य सूत्र · #6031

इसी विषय के और सूत्र

सभी विवेक →
प्रकृति ने सूर्योदय, सूर्यास्त, गर्मी, बरसात, ठंड सब का समय निश्चित कर रखा है केवल मनुष्य को ही हर बात की छूट दे रखी है, कब सोना, कब जागना, क्या करना सब कुछ स्वयं मनुष्य के हाथ में है वह सब कुछ करने में स्वतंत्र है।
विवेक