Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
परिवार

रिश्ते भी अब हो गये ज्यों दैनिक अखबार, आज पढ़ लिया प्रेम से कल फिर बेकार।

Relationships have now become like a daily newspaper—read with love today, and by tomorrow worthless again.

— आराध्य सूत्र · #5331

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