Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
विवेक

अनुचित कार्यारंभ, आत्मीय जन से विरोध, बलिष्ठों से ईर्ष्या, स्त्रियों पर विश्वास ये ४ मृत्यु के द्वार हैं।

Beginning improper undertakings, quarrelling with one's own kin, envy of the powerful, and blind trust in women—these four are the doors of death.

— आराध्य सूत्र · #5292

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प्रकृति ने सूर्योदय, सूर्यास्त, गर्मी, बरसात, ठंड सब का समय निश्चित कर रखा है केवल मनुष्य को ही हर बात की छूट दे रखी है, कब सोना, कब जागना, क्या करना सब कुछ स्वयं मनुष्य के हाथ में है वह सब कुछ करने में स्वतंत्र है।
विवेक